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नागपंचमी की कथा

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                        नाग पंचमी  

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नागपंचमी यह सावन के महीने में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आती है ! यह महीना भगवान शिव का ही आता है !  नाग पंचमी एक  त्यौहार है ! क्योकि इस महीने में भगवान शिव की ही पूजा होती है ! यह पूरा महीना भक्तो के लिए खास है !  नागपंचमी  के दिन नाग देवता को शिव भगवान के मंदिर में जो नाग देवता की प्रतिमा होती है ! उस पर दुध और फूल व चावल आदि को समर्पित करके इसकी पूजा की जाती है ! यह पुरे देश भर में मनाया जाने वाला त्यौहार है !



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                                    नाग पंचमी  की कथा प्रारम्भ 

एक बार एक समय की बात है !  एक बार एक साहूकार था !  उसके सात  पुत्र थे ! और सात  बहू थी !
 एक दिन वो सात  बहुएं कहीं से मिट्टी लेने के लिए गए ! तो मिट्टी खोदते समय एक सांप निकला छोटी बहू को छोड़कर सारी बहू उसे मारने लगे तब छोटी बहू ने उसे मारने नहीं दिया ! और वह सांप को धर्म भाई बना ली !  और बोली मेरी पीहर में बाम्बी में सांप है ! तब सारी बहु केवल छोटी को छोड़ कर बोली कल इसको छाणा लाने  के लिए किसको भेजेंगे ! उठते ही भेजेंगे तो सांप  इसको डस लेगा !

दूसरे दिन छोटी बहू छाणा  लेने गई तो वहां पर सांप बैठा था ! और उसे देखकर सांप ने फुफकार मारी ! तो छोटी बहू जल्दी-जल्दी बोली भाई राम राम !  सांप ने कहा कि आपने मुझे भाई बोल दिया नहीं तो मैं आपको डस लेता ! तब वह बोली सांप आप तो मेरे धर्म भाई हो तो मुझे कैसे डस लोगे !  और वह बोली कि  जीवो  नाग  नागोलिया, जीवो बासु की नाग,  जिवो  मेरे लाड - लड़ाइयो , नेवर घाली पाँव !

तब सांप ने उसे नेवर दिया और वह नेवर पहनकर अपने घर गई !  तब उसकी जेठानिया बोली सांप  ने इसको डसा  ही नहीं है ! और थोड़ी देर के बाद सांप उसे लेने के लिए आया ! और सांप बोला मेरी बहन को भेजो तब जेठानिया बोली अपने तो  पिहर में अपना भाई हमें लेने के लिए नहीं आया करता है !  और इसको तो पीहर भी नहीं है ! तो इसका धर्म भाई इसको लेने आ गया है ! तो उसको वहां पर उसके  सिर - मेहंदी  करके भेज दी !  वे  दोनों आ रहे  है !  रास्ते में खून की नदी बहती मिलती है ! तो वह  धर्म बहन बोली में नदी कैसे पार करूंगी ! तब उसका भाई सांप बोला तुम मेरी पूछ पकड़ ले !  जैसे ही वे दोनों  वही जाने लगी तो वह नदी दूध की हो गई !  और पीहर आते ही सब उसके साथ लाड - चाव  करने लगे !

और पीहर  में रहते  काफी दिन हो गए !  एक दिन सांप  की मां बोली मैं तो कहीं बाहर जा रही हूं ! आप अपने भाइयों को दूध ठंडा करके दे देना  तो वह उसे  गर्म गर्म दूध पिला दिया तो किसी का फन  जल गया !  और किसी की पुछ जल गई !  एक दिन उसके पड़ोसन से लड़ाई कर दी !  तब वह बोली मेरे बाड़े में भाइयों की सौगंध और भाई सुन लिया ! और अपनी मां  से बोला  बहन को पीहर में रहते काफी दिन हो गए उसे  ससुराल भेज दो ! तब उसको वहां हर कोई बहुत सा धन देने लगा ! तो ताई चाची बोली भाई तेरा तो बहुत लाड - चाव किया है !   परंतु  तुमको छ :   कोठी की ताली तो दी है !  सातवें कोठे  की ताली नहीं दी है !  तब वह सांप से बोली की सातवें कोठे  की तली  क्यों नहीं दी !

तब सांप बोला की सातवें कोठे की ताली को लेकर  बहुत पछताएगी !  वह जिद्द करके सातवें कोठे की ताली ले ली और सातवे कोठे  को खोलकर देखे तो वहां एक बड़ा और बुडा  अजगर बैठा था !  वह उसको देख कर फुफकार  मारी तब वह बोली बापू जी राम राम !

 तक अजगर ने कहा तुम मुझे बापू जी कह दिया नहीं तो मैं आपको डस लेता ! तो वह बोली आप मेरे धर्म के पिता हो मुझे कैसे डस लोगें  जीवो  नाग  नागोलिया, जीवो बासु की नाग,  जिवो  मेरे लाड - लड़ाइयो नो  करोड़ का हार तभ नाग देवता ने हार  निकाल कर दे दिया ! वह बहुत धन-दौलत लेकर अपने ससुराल आ गई ! तब उसके जेठानिया कहने लगी हमारी तो पीहर है ! तो भी भाई - बाप  हमें धन नहीं दिया है !  इसकी तो पीहर भी नहीं तो भी वह बहुत सारा धन लेकर आई है !

दूसरे दिन उसके बच्चे  अनाज की बोरी में अनाज को बर्बाद कर रहे थे !  तब उसके ताई - चाची बोली तेरे नाना मामा तो अजरंगिया - बजरंगिय  है !  उसको कह दे  कि वह चांदी की अनाज की बोरी मांग ले हमारा तो अनाज बर्बाद मत करो ! बच्चों की यह बात अपनी मां को कहते हैं !  और सांप उसकी बात को सुन लिया और अपनी मां से सोना - चांदी के अनाज  की बोरी  अपनी बहन के रख दिया ! दूसरे दिन बच्चा झाड़ू बर्बाद करने लगे !  तब ताई - चाची बोली सांप से कह की उसको सोना - चांदी की झाड़ू बनाकर बच्चों को दे दे !  तब ताई बोली  इन बच्चों को कुछ भी मत बोलो नहीं तो उनका घर भी  धन से भर जाएगा !

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तब वह ताई बोली  हम तो राजा को जा कह  देंगे ! कि मेरी देवरानी  के पास नो करोड़ का हार है !  तो वह बिक जायेगा तो  तुम्हारी रानी के पास आ जावेगा ! और यह बात राजा को कहते ही  राजा ने उस साहूकार  के छोटे से छोटे बेटे की बहू को बुलाकर कहा कि वह हार मेरी रानी को दे दे !   और वह मन ही मन में बोले कि मेरे गले मे तो हार हो जावे !  और  रानी के गले में रव हो जावे ऐसा कहकर वो वहां से चली गई !  और रानी बैठे गले में हार पहनने लगे तो वो हार सांप  बनकर बैठ गया !  और उसे काटने लगा तो वह रानी चिल्लाईं ! और वह बोली उस साहूकार के छोटे से छोटे बेटे की बहू को बुलाओ ! और बोले कि तेरे गले में सांप निकला कर जादू - टोना कर गई !

राजा ने उस साहूकार की बेटी की बहू को बुलाया ! और बोला कि तुम मेरी रानी का क्या हाल कर दिया !  गले में जो सांप ही सांप हो गए हैं !  तब वह बोले कि मैं तो कुछ भी नहीं की  हूं !  मेरे पीहर तो नहीं है ! मैं तो सांप   को  भाई - भतीजा बनाया था ! वही हमें यह हार लाकर दिया है !   राजा ने उस का हार को उसे वापस दे दिया ! और एक  अपना हार भी उसको  दे दिया !  तब उसकी जेठानीयां फिर से बात करने लगी यह तो राजा  - रानी से भी नहीं डरती  है !  इसके बाद में जेठानी उसके आदमी सी बोली तेरी औरत तो किसी  सेठ से धन लाती है  ! आप उसे मना नहीं कर सकते हैं !

तो वह अपनी औरत से लड़ाई - झगड़ा करने लगा !  वह कहा कि इतना धन कहां से लाई हो !  तो वह बोली हम सातों  देवरानी - जेठानी  मिट्टी लाने गई ! तभी वहां एक सांप निकला तो वह उसे मारने लगी ! तब मैंने उसे मारने नहीं दिया !  और उसे अपना धर्म भाई बना लिया क्योंकि मेरे पीहर नहीं है ! तब वह सांप देवता ही यह धन लाकर दिया है ! फिर उसके बाद उसका आदमी पूरे गांव में सब को कह दिया !  कि नाग पंचमी के दिन हर कोई ठंडी रोटी खायेगा ! और कथा सुनेंगा ! और नाग देवता की पूजा करेंगा !  हे  नाग देवता जिसके पीहर नहीं था !  उसे उसे आप पीहर दिखाएं है !  ऐसे ही हम सब को दिखाएं !  नाग पंचमी के दिन यह कथा करनी चाहिए और सुननी चाहिए !
                                                         !! कथा समाप्त !!                                                 

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यह नाग पंचमी की कथा शुरू से लेकर पूरी है ! यह कथा या पोस्ट  आपको  कैसी लगी ! ऐसा लगता है ! की आपको यह पोस्ट जरुर ही पसंद आई होगी ! और इसे like करना न भूले ! और अपने दोस्तों को  भी यह पोस्ट  share जरुर करे ! और आपके मन में इस पोस्ट से सम्बंधित कोई सवाल आता है ! वो भी कोमेंट करे  !



साप्ताहिक राशिफल 1

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                साप्ताहिक राशिफल - 1


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सप्ताहिक राशिफल देखने के लिए यह एक बढिया पोस्ट है ! जो की कोई भी यहाँ पर सप्ताहिक राशिफल देख सकता है ! तो आज की पोस्ट है ! साप्ताहिक राशिफल -1 इसका मतलब होता है !  आज दिनांक - ५ फरवरी २०१८ से लेकर ११ फरवरी २०१८ तक में सभी राशियों का साप्ताहिक राशिफल की जानकारी यहाँ पर उपलब्ध है ! पूरी राशि १२ है ! उसमे से प्रत्येक राशि का अलग - अलग राशिफल देखने को मिलेगा ! जो अपनी - अपनी राशियों का राशि फल देख सकता है !

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मेष -  (Aries): मेष राशि वाले लोग के लिए यह सप्ताह भाग्य शाली है ! और यह सप्ताह आपके लिए बहुत अच्छा है ! और आपके शत्रु आपसे पराजित होंगे ! समाज में भी आप अच्छे रहेंगें ! और आपके पहले किये गए काम का फल भी अच्छा रहेगां ! और वैवाहिक जीवन भी खुशीयों  से भरा रहेगा ! शुक्र आपकी राशि में होने से आपको लाभ ही प्रदान करेगा ! और आपको आपके सम्भन्धियों से भी आपको खुशी व लाभ ही होगा ! आपका काम भी आसान होगा ! आपको थोड़ी सावधानी भी रखनी चाहिये और नकारात्मक विचरों से दूर रहना आपके लिए उपुक्त होगा !  
         
वृषभ - (Taurus): वृषभ आपके लिए यह बहुत ही शुभ है ! और अच्छा है ! आपको इस सप्ताह में बहुत ही लाभ होगा !  और व्यापार में भी आप अच्छे रहेंगे ! और आपको संतान प्राप्त भी हो सकती है ! आपके घर में कोई शुभ कार्यों का आयोजन हो सकता है ! और शादी के लिए शुभ समाचर भी मिल सकता है ! व आपकी आय बढ़ सकती है ! आपका कोई नए आदमी से संपर्क हो सकता है ! आप यह सप्ताह आपका आराम से और अच्छा रहेगा ! आपको किसी नए कार्य में सफलता मिल सकती है ! बस आपको यह करना है ! की आप अपने आप में अनुशासन से रहे तथा बच्चों को भी ऐसा ही रखे बाकि सब कुछ आपके लिए बढिया है ! 

मिथुन - (Gemini):  मिथुन आपका यह सप्ताह शुरू में कुछ कठिन है इसके लिए आपको बहुत सावधानी से रहना होगा ! आपका व्यय थोड़ा अधिक हो सकता है ! और काम का दबाव रहेगा आप दूसरे के प्रति भी सावधानियां बरते ! दो –तीन दिन बाद आपका समय ठीक आ जायेगा ! मिथुन राशि में पढाई करने वाले की लिए यह सप्ताह बहुत ही अच्छा है ! और राजगार के लिए भी अच्छा है ! सूर्य राशि में होने के कारण अच्छा होगा ! ववाहिक जीवन भी खुश हाल रहेगा ! आपको किसी की मदद भी मिल सकती है ! और दूसरे से साथ आपका संबंध अच्छा रहेगा !  


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कर्क - (Cancer): कर्क यह सप्ताह आपके थोड़ा कुछ अनुकूल नहीं है ! आप चाहे तो अनुकूल बना भी सकते है ! विधार्थियों के लिए बहुत सावधानी का समय है ! की वो अपनी पढाई में विशेष ध्यान दे ! उसके बाद विधार्थियों का परिणाम अच्छा होगा ! और सप्ताह के शुरू में थोड़ा सचेत रहना होगा ! बाद में समय अच्छा रहेगा आपको धन की प्राप्ति हो सकती है ! आपके संबंधित से आपका मेल – जोल बढेगा जो आपकी मदद कारेगे ! आपके लिए कोई नई दिशा मिलेगी ! 


सिंह - (Leo): जैसा आपकी राशि का नाम है ! वैसे ही आपमें इस सप्ताह में आपका साहस भी है ! आप अपने साहस से इस समय को आपके अनुकूल भी कर सकते है ! आप अपने अंदर साहस का अनुभव करेगें ! आपको इस सप्ताह में खुशी भी होगी और लाभ भी होगा !  आपका व्यवसाय आपको लाभ की ओर ले जायेगा ! और आपको दूसरों से सहायता मिल सकती है ! जिससे आपके सभी कार्य पुरे होंगें ! आपकी राशि में चन्द्र चोथे स्थान पर है ! इससे आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है ! और आपके व्यवसाय पर थोड़ा दबाव हो सकता है ! आप किसी दूसरे से जल्दी ही तनाव ग्रस्त हो सकते है इसके प्रति आपको सावधान रहना चाहिए ! सप्ताह के अंत में आपका समय आपके अनुकूल होगा ! 



कन्या -  (Virgo): कन्या यह समय आपके लिए बहुत उत्तम है ! आपके आर्थिक मामलों का भी समाधान होगा ! आपको यह भी ध्यान में रखना चाहिये की आप किसी के साथ भेद – भाव न करे ! और आपका  व्यापार बढ़ेगा तथा आपका पुराना धन भी आपको वापस मिल सकता है ! अचानक आपका व्यापार बढ़ सकता है ! आपके उपर लक्ष्मी देवी की क्रपा रहेगी और आपका ववाहिक जीवन भी अच्छा है ! धार्मिक कार्यों में आपकी रूचि रहेगी ! आपको अपने से बड़ों से मार्गदर्शन प्राप्त होंगे ! आप दूसरों के साथ व्वहार सावधानी से करे ! 

तुला - (Libra): तुला यह सप्ताह आपके लिए कुछ कठिन है ! और आगे चलकर शुभ भी है ! इसलिए आपको सचेत रहना होगा ! आप जब वाहन चलते है तो आपको सावधानी से चलाना चाहिये ! यही आपके लिए अच्छा रहेगा और आप आय और खर्चा का भी ध्यान रखे ! आपके ऊपर थोड़ा काम का दबाव रहेगा ! यहाँ पर आपको कार्य सावधानी से करने चाहिये ! सप्ताह के दूसरे दिन शुक्र आपकी राशि में पाँचवे स्थान पर आएगा ! तब समय आपका शुभ रहेगा ! और आपको अपने संबंधियों से शुभ समाचार मिल सकता है ! और आप काम में अपनी रूचि लेगे और कार्य करेगें ! 

वृश्चिक -  (Scorpio) : वृश्चिक आपका सप्ताह शुरू आत में अच्छा है ! और बीच में कुछ कठिनाई है ! और बाद अच्छा रहेगा ! आपका सप्ताह शरुआत अच्छा तो है ! ही आप अपने कार्यों से अपने परिवार के लिए भी समय निकाल सकते है ! और सप्ताह के दूसरे और तीसरे दिन आपके परिवार से कुछ कठिनाई आ सकती है ! अत : आपको सचेत रहना चाहिये ! और आप अपने मन पर नियंत्रण रखे ! उसके बाद शुक्र आपकी राशि में होगा ! जो की आपको लाभ प्रदान करेगा ! जिससे आपको लाभ होगा आपके रोजगार में सुधार होगा ! घर पर भी खुश हाली रहेगी और आपके भाग्य का भी उदय होगा !  

धनु - (Sagittarius): धनु आपका यह सप्ताह बहुत ही अच्छा है !  आपके घर में सुख शांति बनी रहेगी ! और आपके कार्य पूर्ण होंगे ! आप अपने व्यावसाय को भी सही तरीके से चला पायेगे ! और उसमे आपको लाभ होगा ! और आप किसी दूसरे के लिए भी पैसे खर्च कर सकते है ! और आप अपने मन में सकारात्मक विचार सोचेगे ! ववाहिक जीवन भी खुशी से भरा होगा ! शुक्र आपकी राशि में होने से आपके विरोधी आपसे पराजित होगे ! और आपको अन्य प्रकार से भी लाभ ही लाभ होगा ! 

मकर -  (Capricorn): मकर यह सप्ताह आपके लिए शुरू में कुछ अच्छा है ! और बाद में बीच में कुछ कठिन भी है ! और भी अच्छा रहेगा ! शुरू में आपके संबंधित आपका बहुत सहयोग देगे ! और आपको रोजगार कार्यों में सफलता मिल सकती है ! आपकी संतान से खुशी मिलेगी बाद में कुछ सचेत रहने का समय है ! आप किसी से लिखा - पढ़ी करने में काफी सावधानी बरते नहीं तो आपको भरी नुकसान हो सकता है ! और इस सप्ताह में आपको लालच से काफी दूर रहना चाहिए ! ऐसा आप न करे ! नहीं तो नुकसान ही होगा ! फिर सप्ताह से अंत में तो आपका समय लाभ और शुभ होगा !   

कुंभ -  (Aquarius): कुंभ यह सप्ताह आपके लिए कुछ अच्छा और कुछ कठिनाई से भरा है ! अत : कुछ सावधानी से चले तो आपका सप्ताह अच्छा भी है ! व्यावसाय करने वालो के लिए यह सप्ताह बहुत ही अच्छा है ! और व्यावसाय में लाभ भी देगा ! बीमार व्यक्ति की बीमारी भी दूर होगी और स्वास्थ्य ही अच्छा होगा ! फिर सप्ताह के बीच में ऐसा है ! की आप कोई निर्णय लेते है तो वह बहुत सोच विचार कर ले ! यह सावधान रहना चाहिये ! और कुछ स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे ! किसी दूसरे आदमी से धोखा हो सकता है ! इसके प्रति सचेत रहे ! आप दूसरों से सोच समझ कर बोले जिससे वो आपकी मदद कर सके ! विधार्थी खूब मेहनत करे ऐसी सावधानी रखे फिर आपको यह सप्ताह लाभ दायक रहेगा ! 

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मीन - (Pisces): मीन यह सप्ताह आपके लिए शुरू में कुछ कठिन है ! और बाद में अच्छा रहेगा यह सप्ताह इसके शुरू में तो आपको आर्थिक कठिनाई हो सकती है आप किसी से उधार लेने को भी मजबूर हो सकते है ! इससे अच्छा तो यहि होगा की आप सोच समझ कर ही खर्च करे व्यर्थ खर्च न करे ! आपके विरोधी बढ़ सकते है ! तो आपको सचेत रहना चाहिये ! वरना आपको काफी नुकसान हो सकता है ! सप्ताह के बीच से लास्ट सप्ताह तक अच्छा समय है ! यहाँ सुख –साधनों की प्राप्ति होगी ! ववाहिक जीवन खुशी से रहेगा ! सप्ताह के अंत में ग्रह स्तिथियाँ आपके अनुकूल रहेगी ! युवा वर्ग में नौकरी – पेशा के अवसर बढ़ेंगे ! कारोबार में भी लाभ प्राप्त होगा और अन्य लाभ भी होगा ! 

उपर जो १२ राशियां है उसमे हर एक राशि का अलग - अलग राशिफल दिया गया है ! यह पढकर हर कोई अपना साप्ताहिक राशिफल की जानकारी प्राप्त कर सकता है ! 

हमें यह आशा है ! की ये पोस्ट आपको जरुर ही पसंद आई होगी ! इसे like करना न भूले ! और अपने दोस्तों के साथ यह पोस्ट share भी जरुर करे ! और फिर भी आपके मन में इस पोस्ट से सम्बंधित कोई सवाल आपके मन में आता है तो वो कोमेंट भी जरुर करे ! 

श्री रामायण जी की आरती

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              श्री रामायण जी की आरती 

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आज श्री रामायण जी की आरती की आरती के बारे में जानेगें क्योकि यह Arti भी बहुत महत्व पूर्ण है ! हर जगह - जगह आजकल  रामायण पाठ होते रहते है ! इस आरती से पहले मै रामायण पाठ सामग्री सूची और फेरे सामग्री सूची की पोस्ट को पहले ही शेयर कर चूका हूँ ! और आगे भी इस प्रकार आज की तरह आपकी सहायता करता रहूँगा !


हिंदू  धर्म में अनेक प्रकार के धार्मिक कार्य किये जाते है जैसे - की कोई आदमी रोज सुबह - सुबह अपने नित्य कर्म जो की सुबह  जल्दी उठ कर स्नान आदि काम करके भगवान के मंदिर में जाकर  भगवन की भक्ति करता और भगवन के दर्शन करता है ! और कोई सुबह के समये में अपने काम धंधे को शुरू करने से पहले भी भगवान को याद करता है ! यह रोजाना का कर्म होता है ! 

कब करनी चाहिए रामायण जी की आरती -

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जब किसी व्यक्ति में मन में इच्छा हो जाये की आज हमें श्री रामायण जी की आरती करनी है ! तब भी श्री रामायण जी की आरती कर सकते है ! या भगवान श्री रामचंद्र जी के मंदिर में रोज सुबह - शाम भी कर सकते है ! और यह सब मनुष्य के ऊपर भी है की उसमे कितनी भगवान के प्रति आस्था है ! और जब कोई रामायण पाठ आदि कार्य करता है तब भी उसे श्रदा के साथ श्री रामायण जी की आरती कर सकते है ! यह तो बहुत अच्छी बात है ! कि आदमी को भगवान कि शरण में जाना चाहिए ! वहाँ पर उसको कुछ नया सीखने को जरुर ही मिलेगा !

श्री रामायण जी की आरती करने से पहले ये मंत्र भी जरूर बोले -

कर्पूर गौरं करुणाव तारं , संसार सारं भुजगेन्द्र हारम्  !
सदा वसंतं हृदयारविन्दे , भवं भवानी सहितं नमामि !!
      
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   !!श्री रामायण जी की आरती !!

आरती    श्री     रामायण      जी      की !
कीरत     कलित   ललित   सिय   पी   की !!

गावत        ब्रह्मादिक     मुनि      नारद !
बाल मीक        बिग्यान          बिसारद  !!

सुक   सन   कादिक    सेष    अरु    सारद !
बरनि    पवन    सुत      कीरति     नीकी !!

आरती    श्री      रामायण      जी      की !
कीरत    कलित     ललित   सिय   पी   की !!

गावत     बेद      पुरान            अष्टदस !
छओ      सास्त्र     ग्रंथन     को       रस !! 

मुनि   जन    धन   संतन   को     सब रस !
सार   अंस       संमत      सबही      की !!

आरती     श्री     रामायण      जी      की !
कीरत    कलित    ललित    सिय   पी   की !!

गावत       संतन         संभु       भवानी !
अरु   घट       संभव      मुनि    बिग्यानी !!

ब्यास    आदि      कबि     बर्ज     बखानी !
काग  भुसुंडी    गरुड़    के     ही       की !!

आरती      श्री      रामायण     जी     की !
कीरत    कलित    ललित   सिय   पी    की !!

कलि  मल    हरनि    विषय    रस   फीकी !
सुलभ     सिंगार    मुक्ति    जुबती     की !!

दलन  रोग    भव    मूरी       अमी   की !
तात    मात   सब   बिधि    तुलसी    की !!

आरती    श्री     रामायण      जी     की !

कीरत    कलित    ललित   सिय   पी  की !!
             !! समाप्त !!

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ऊपर लिखी हुई रामायण जी की पूरी आरती है ! इसमे देखकर पढ़ सकते है ! और  जब कोई आरती गाता है तो उसको पहली व दूसरी लाइन को कई बार गाना पड़ता है ! वो भी इस हिसाब से ही आरती में लिखी हुई है ! अथार्त इस आरती को ज्यो -त्यों ही गा सकते है ! 
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