वेदी कैसे बनाये



आज हम जानेगे की जब हवन कार्यों का आयोजन किया जाता है ! तब हवन किस पर किया जाता है ! उसके लिए एक वेदी का निर्माण क्या जाता है ! वह कैसे बनाई जाती  उसकी पूरी जानकारी आपको बताता हूँ ! यह बिलकूल आसान है !

मनुष्य अपने जीवन में अनेक कार्य करता है ! मनुष्य अपने धर्म के अनुसार  भी कार्य करता है ! जैसे  सुबह से उठकर अपने नित्य कर्म करता है ! कई प्रकार के धार्मिक कार्य भी करता है ! जैसे  कोई पूजा  पाठ करता है ! कोई रोज की तरह भगवन की पूजा करता है ! या कोई हवन करता है ! व अन्य कार्य करता है ! तथा कोई दुकानदार होते है अ वे अपनी दुकान में जाते है ! तो दुकान खोल कर सबसे पहले वे दुकान की सफाई करते है ! बाद में वे दुकान को सही चलाने के लिए रोज ताजा पानी लाकर दुकान में भगवन की तरह  तरह से पूजा करते है ! और पुजारी भी मंदिर में जाकर इसी क्रम से पहले सफाई करते है बाद में वे भी ताजा जल लाकर भगवन की तरह - तरह से पूजा करते है ! इस प्रकार अनेक लोग अपने धर्म के अनुसार पूजा & पाठ करते है !

sharmaplus seo, ramesh kumar

 वेदी क्यों बनाते है !

 
जब कोई हवन किया जाता है ! किस पर किया जाये उसके लिये वेदी बनाई जाती है इसको दूसरे शब्दों में हवन कुण्ड के नाम से भी जाना जाता है ! इसको बनाते समये भी कुछ बातों को ध्यान में रखकर बनाया जाता है ! जैसे - जमीन पर बनाते है तो मिट्टी लेकर बनाते है ! इसको कही पक्के आंगन  में बनाते है ! तो पहले ईट लेते है ! ईट को लगाकर उसके उपर मिट्टी डालते है ! जिससे की हवन जो आग जलाई जाती है उससे आंगन को नुकसान नही होवे ! और  मिट्टी की भी मोटी परत लगते है !
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क्या -क्या चाहिए वेदी बनाने के लिये 
1- बालू मिट्टी  चाहिए !
2- ईट चाहिए यदि पक्का आंगन हो तो 
3- पीसा हुआ आटा चाहिए जो की सफेद रंग के लिए !
4- रोली चाहिए जो की लाल रंग के लिये !
5- पीसी हुई हल्दी चाहिए जो की पीले रंग के लिये !
6- पानी चाहिए मिट्टी को जमाने के लिये !
7- गो मूत्र और गाय का गोबर जो की थोड़ी ही मात्रा में !
8- और वेदी को सजाने के लिये और अन्य रंग चाहिए जैसे &  हरा रंग !
9- लावा व दुब 
10- पंच गुलाल 

वेदी कैसे बनाते है!
यह बहुत आसान है ! सबसे पहले वेदी बनाना कहाँ है ! यह स्थान तय कर लेते है ! की यह स्थान वेदी बनाने के लिये उपयुक्त रहेगा ! जैसे  मान लो की हम घर में हवन कर रहे है तो घर के चौक के बीच में हवन की वेदी को बनाते है ! अगर जब रामायण पाठ किया जाता है ! तब भी वेदी घर  चौक के बीच में बनते है ! जिससे हवन से निकला हुआ धुँआ घर के चारों ओर फैल जायें ! और वैज्ञानिकों के अनुसार यह माना जाता है ! की हवन से निकली हुई धुँआ हमारे वातावरण  को शुद्ध करती है ! और कोई देवालय है ! या यज्ञ शाला है ! वहाँ तो पहले से ही वेदी या हवन कुण्ड का स्थान बना होता है जो स्थाई रूप में होता है ! इस प्रकार से हवन के लिये वेदी का स्थान तय कर लेते है !


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अपने घर में या किसी स्थान पर तय कर लेते है ! की वेदी कहाँ बनाये फिर उस स्थान को तय करने के बाद वहाँ पर सफाई कर लेते है यदी पुरे घर में पक्का आँगन है तो ईटों की जरूरत होगी ! ईटों को सही वेदी की आक्रति में लगायें फिर उस पर बालू मिट्टी डाले बालू मिट्टी को फैलाकर समतल बनाये समतल होने के बाद उस पर पानी का छिड़काव करके मिट्टी को जमाएं 
ऊपर वाले चित्र के अनुसार मिट्टी से आक्रति बना लेते है अब सेसमे सीधे जो आयत या वर्ग है उसमे सबसे पहले लाल रंग की रोली से चारों तरफ सीधी हर तरफ दो लाइन है जो साथ साथ चलती है ! ऐसी लाइन डाले जो हर तरफ में ठीक बीच में थोड़ी जगह छोडकर लाइन बनाएं अब उसके ठीक बीच में खाली जगह है उसमे अलग अलग रंग से एक एक लाइन डाले फिर उस सारी लाइनों के बीच में जो वर्गाकार जगह होती है ! उसमें चारों कोनें के हर कोनों से एक दूसरे कोनें तक लाइन मिलाया जाता है ! जैसे चांदे की सहायता से जो कोण बनाया जाता है उसी तरह से आधा राउंड घुमती हुई लाइन डाले फिर उसी की तरफ छोटी छोटी लाइन बनाते हुए कोने तक ले जाये फिर उसमे अपने दिमाग के अनुसार डिजाइन के लिए उसमे हरा रंग या सफेद या अन्य प्रकार के रंग डाले उसी प्रकार चारों कोने में बनाये वेदी के ठीक बीच में जो जगह होती है उसमे फूल जैसी आक्रति बनाये वेदी के बाँई तरफ जो आयताकार हिस्सा है ! उसके चारों और दो सफेद लाइन डाले जो वेदी के मध्य वर्गाकार को छू रही है ! वहाँ पर लाइन न डाले फिर बाँई तरफ जो सफेद लाइन की आक्रति बनाई है ! वो सफेद लाइन से दो भागों में बाते उसमे एक तरफ तो लाल रंग की रोली से सजायें दूसरी तरफ पीली पीसी हुई हल्दी से सजायें उसके ऊपर दो पानी के छोट छोटे पात्र रखें जाते है जिसको सराई नाम से जाना जाता है ! और अग्नि में पांच आहुति देते है तब बचा हुआ घी उस दोनों सराई में डाला जाता है ! और दहनी तरफ जो वर्गाकार की आक्रति होती है ! उसमे अपनी डिजाइन के अनुसार फूल जैसी आक्रति बना लेते है ! और उसको भी रंगों द्वारा सजाया जाता है ! यहाँ वेदी में ब्रह्मा जी का स्थान बनाया जाता है !

वेदी के बारे में निचे वीडियो देखे !

           

आगे वेदी बनाने के बाद वेदी के चारों और दूब तार के रूप में लगते है ! वेदी को इस तरह से बनाया जाता है ! यजमान हवन करने के लिए अपना आसन लगता है ! उसका मुंह पूर्व दिशा में होना चाहियें जिसके सामने बाँई तरफ दो छोटी छोटी जल से भरी हुई सराई आती हो ! दहनी तरफ जो ब्रह्मा जी का स्थान बनाया था वो हो ! हवन में जोड़ें बैठते है और उसके अलावा भी परिवार में अन्य सदस्य भी हवन में बैठ सकते है ! है ना कितना आसान हवन के लिए वेदी कैसे बनाये !
अब है आपकी बारी यह बताने की यह पोस्ट आपको कैसी लगी और इस पोस्ट को अपने दोस्तों को भी Share करे ! और आपके मन में कोई सवाल है तो हमें Comment भी करे !                



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