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चरु कैसे बनाते है


                                     चरु कैसे बनाते है 

आज हम जानेंगे चरु कैसे बनाया जाता है! बहुत से दोस्तों ने यह ही पूछा है कि चरु कैसे बनाया जाता है! तो इसलिए आज यह पोस्ट शेयर कर रहा हूं ! चरु के बारे में यह कैसे बनाया जाता है तथा क्यों बनाया जाता है और क्या-क्या सामग्री  चाहिए ! पहले हम यह जान लेते हैं कि चरु  क्या काम आता है यह एक प्रकार का तिल, जौ,  चावल ,चीनी से बना  होता है! और इसमें इसके अतिरिक्त भी अन्य सामान डाले जाते हैं वह हम जानेंगे !

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             इसके अलावा हवन सामग्री भी डाली जाती है ! जो की बाजार में मिलता  है ! खोपरा की पाली को छोटे - छोटे टुकडों में कट कर चरु मिलाया जाता है ! और लोबाण को भी छोटे - छोटे टुकडों में बाट कर उसमे डाला जाता है ! और गुग्गलू भी मिलाया जाता है ! इसके अतिरिक्त भी काजू , बिदाम , छुहारा , किसमिस आदि सामग्री को डाला जाता है ! और कुछ मात्रा में घी भी डाला जाता है ! सर्वोतम घी होता है ! गाय का यदि गाय का घी कम मात्रा में है ! गाय के घी में भैंस का घी भी मिला सकते है ! घी बाजार में भी मिलता है ! इस सारी सामग्री को एक बर्तन या परात में डालकर अच्छी तरह से मिलाये ! 

चरु बनाने के लिए सामग्री -
१. तिल
२. जौ 
३. चावल
४ . चीनी
५ . खोपरा की पाली
६.  लोबाण
७ . गुग्गलू 
८ . पंच मेवा 

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          और यह क्या काम आता है ! इसके लिए तो सीधी सी बात है की हवन करने के लिए अग्नि में आहुतियां देने के काम आता है ! हवन करते है तो हमें एक वेदी का भी निमार्ण करना होता है ! वेदी कैसे बनाते है ! इसकी तो जानकारी मै पहले ही शेयर कर चूका हूँ ! उसको जानने के लिए यहाँ क्लिक करे ! हवन में चरु के अलावा भी घी की भी आहुतियाँ लगती है ! जो की एक कांसे थाली आकार का छोटा पात्र काम में लिया जाता है उसके अलावा स्टील का पात्र भी काम में ले सकते है घी डालने के लिए ! 
                              

                              
ऊपर यह जो इमेज है इसमें देखकर ऐसा मानो कि यह चरु बनाने की जानकारी एक बार चरु बनाकर उसके अनुभव के आधार पर जानकारी दे रहा हूं ! 




चरु बनाने की सावधानियां - 
चरु बनाने में अक्सर ऐसा होता है कि या तो किसी - किसी  को कोई पता नहीं होता है या फिर जल्दी बाज  में होते हैं ! ऐसे में सावधानियां हो जाते हैं ऐसे असावधानी नहीं बरते है थोड़ी सी तसल्ली करके सावधानियां से काम करे वो क्या है उसके बारे में जानेगे -

चरु में हम जो सामग्रियां लेते हैं उसमें अच्छी तरह से सफाई होनी चाहिए अधिकतर उसमें कीड़े ईल्ली आदि या फिर कोई मच्छर इत्यादी होते है ! या फिर उनसे उत्पन गंदगी होती है और कुछ कंकर के टुकड़े हो सकते है ! तो हिंदू धर्म के अनुसार यह है ! की हवन में किसी भी जीव की आहुतियाँ नहीं हो तो इसके लिए ही मै बता रहा हूँ की जरा सी सावधानियां बरत कर जो सामग्रियां लेते हैं उसमें अच्छी तरह से सफाई होनी चाहिए ! अगर ऐसा नहीं करते है तो हवन में जो आप धर्म के लिए कर रहे है ! वह पाप का कारण हो सकता है ! इस लिए सामग्री की सफाई भी बहुत जरुरी है ! 
             और देखते है की  जौ, सामग्री लेते है उसमे तो ईल्ली काफी मात्रा में मिलती है ! तो उसकी सफाई भी बहुत जरुरी है ! जिससे की किसी जीव की आहुति ना लगे ! और चीनी में और चावल  तो काफी छोट - छोटे जीव मिलेगे उसको चरु सामग्री से बाहर करे ! 

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           इसके अलावा भी एक बात और महत्व पूर्ण है ! हवन करते समये भी जैसे वेदी पर तो अग्नि जलाकर हवन किया जा रहा है ! और हो सकता है ! उसके ऊपर ही कोई मच्छर उड़ रहा है और वह गिर कर उस अग्नि में न पड जाये उसके लिए भी यही अच्छा होगा की अग्नि में हवन हो रहा है उसके ऊपर मंडप होना चाहिए ! जिससे की मच्छर अग्नि में न गिरे ! 
         एक बात यह भी है की अग्नि में चरु और घी से हवन किया जाता है वह एक तो इस तरह से करवाया जाता है ! की अपने घर में सुख - शांति रहे ! या फिर घर में प्रवेश करने के लिए और अन्य मांगलिक कार्यों में भी किया जाता है ! 

अन्य महत्व पूर्ण सावधानियां -
                      ऊपर पोस्ट को पढ कर आप चरु के बारे में तो जन की गए है ! की चरु क्या है ! और कैसे बनाते है ! क्या सामग्री चाहिए ! और कैसे बनाते है और कहाँ कैसे प्रयोग करते है ! ये सब जानकारी इस पोस्ट में दे चूका हूँ ! चरु और घी से जो हवन किया जाता है उससे हमारे आस - पास वायु शुद्ध होती है इस लिए हवन करना चाहिए ! 
       आगे एक सावधानी यह है ! की आपको पोस्ट में पढ़ कर पता तो चल ही गया की क्या - क्या सामग्री चरु में मिलाई जाती है ! अधिकतर पंडित लोग यह गलती कर देते है ! चरु जो हवन में डालते है तो हवन वेदी का स्थान का निर्धारण सही जगह नहीं कर पाते है ! की मतलब पंडितो की अपने हिसाब से तो सही है ! 
                      लेकिन हो सकता है की उस जगह के ऊपर या उसके आस - पास  मधु मखी का छाता हो यह सबसे बड़ी गलती हो जाती है ! जब भी हवन में चरु और घी डालते है ! तो हवन में जो सुगंध निकलती है ! उससे मधु मखी आ कर कही हमला न कर दे ! तो इस बात का ध्यान रखे ! जो आपके हित में है ! 
           
अब आपकी बारी है की यह पोस्ट आपको कैसी लगी ! और आपके मन में जो सवाल आता है इस पोस्ट के बारे में तो हमें कॉमेंट भी करे और अपने दोस्तों से साथ यह पोस्ट शेयर करना ना भूले !