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गायत्री मंत्र

                         गायत्री मंत्र


gaytri mantra



                         गायत्री मंत्र
आज हम जानेगे गायत्री मंत्र के बारे में

हिंदू  धर्म में देवी - देवताओं  की पूजा का स्थान महान होता है ! और विद्वान लोग भगवान की भक्ति -आराधना करते है ! और अनेक वेद - मंत्रोच्चारण करते है ! मंत्र से ही अनेक धार्मिक कार्य सम्पन करते है ! मंत्र और स्तुति ध्यान से ही हर एक कार्य किये जाते है ! जैसे - हवन करते है तब भी मंत्रोच्चारण करते है ! और कोई पूजा करते है तब भी प्रयोग किया जाता है ! मन्त्र (mantra) अनेक है ! जो की सभी कही न कही पर प्रयोग करते है ध्यान(dhayan) है वह भी एक मंत्र की तरह ही होता है ! अब हम  गायत्री मंत्र को जानेगे !
गायत्री मंत्र भी हिंदू धर्म के लिये एक विशेष मन्त्र है ! और सर्वोतम भी है ! अक्षर देखने में मिलता है की हमारे बुर्जग लोग है ! जिसमे कार्य करने की क्षमता कम होती है या घर पर कार्य नहीं करते है ! वे  एक स्थान पर आसन लगाकर बैठ जाते है और हाथ में माला लेकर माला फेरते है इस प्रकार वे भी भक्ति में लीन रहते है ! उसमे कोई तो राम का नाम लेते है और कोई गायत्री मंत्र से भी माला फेरते है ! और कोई अन्य भगवान के नाम से माला फेरते है !






गायत्री मंत्र 

ॐ भूर्भुवः स्व:  तत्स वितु र्वरेण्यं भर्गो !
देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् !!

गायत्री मंत्र के बारे मे जाने 

हिंदू धर्म के अनुसार तो यह मंत्र बहुत ही अच्छा है ! और हिंदू लोग तो जनेऊ को भी धारण करते है ! यह भी हिंदूओं का महान कार्य है माँ गायत्री है जो हिंदू मे देवी या माता समझा जाता है ! जो विद्वान रोज की तरह से इस मंत्र को जपता है उस पर माँ गायत्री की बड़ी क्रपा होती है  यह माता ही बुद्धि देती है ! यही वांच्छित फल  देती है ! और वैज्ञानिकों के अनुसार भी अच्छा मन्त्र है इस लिये हर एक आदमी को यह मंत्र पढ़ना चाहिए !

यह मन्त्र जपने से अनेक लाभ भी है ! हम ॐ शब्द का उच्चारण करते है वो हमे करना चाहिए जो की स्वस्थ्य के लिये भी लाभ दायक होता है और आगे जो इस मन्त्र मे लिखा है उसका अर्थ के अनुसार मनुष्य को प्राण प्रदान करने वाला है और मनुष्य के दुःख को दूर करने वाला है जिससे मनुष्य सुखी रहता है ! और मनुष्य मे सूर्य की भाति उज्जवल सबसे उत्तम यश होता है ! इस मन्त्र (mantra) से ही कर्मो का उद्धार होता है और देवी का ध्यान मंत्र  होती है ! या भगवान मे चिंतन होता है ! माता यही माता है जिसको हम अनेक रूप मे जानते है और अनेक नामों से जानते है !
गायत्री मन्त्र को कोई भी जाप कर सकता है ! इसमे ऐसा कुछ नहीं है ! और यदि हम जाने की कब - कब किया जाता है माँ गायत्री का मंत्र तो हिंदू धर्म मे हर एक आदमी का दैनिक कर्म होता है की वो सुबह - सुबह जल्दी उठ कर पाने नित्य कर्म करके स्नान आदि करके सूर्योदय के पहले या उसके समय ही इसका जाप करना चाहिए ! और सूर्यास्त के समय जाप करना चाहिए और लगातार भी जाप कर सकते है ! और इसके अतिरिक्त नारायण बलि में पंडित पूजा पाठ करते है कुछ पंडित माला फेरते है ! वो भी इस गायत्री मंत्र का उपयोग करते है ! इसका प्रयोग हवन मे भी होता है जो की मन ही मन मे जाप करते है फिर आहुति देते है ! और अन्य पूजा आदि कार्यों मे भी इसका उच्चारण किया जाता है !